अंक ज्योतिष (Numerology) संख्याओं के माध्यम से व्यक्ति के स्वभाव, भाग्य व जीवन-पथ को समझने की विद्या है। हर व्यक्ति के जीवन में तीन मुख्य अंक होते हैं — मूलांक, भाग्यांक और नामांक — और हर अंक (1–9) का एक स्वामी ग्रह होता है।
यह आपकी जन्म तिथि के दिन से बनता है (जैसे 23 तारीख → 2+3 = 5)। यह आपका मूल स्वभाव, सोचने का तरीका व आत्म-छवि दर्शाता है। 1 से 9 तक होता है।
यह आपकी पूरी जन्म तिथि (दिन+माह+वर्ष) के अंकों के योग से बनता है। यह आपके जीवन की दिशा, अवसर व नियति दर्शाता है। 11, 22, 33 मास्टर अंक कहलाते हैं — विशेष क्षमता व चुनौती दोनों के प्रतीक।
यह आपके नाम के अक्षरों के मान (चाल्डियन पद्धति) से बनता है और आपकी सार्वजनिक छवि व नाम की ऊर्जा दर्शाता है। यदि नामांक मूलांक/भाग्यांक से मेल खाए तो जीवन में तालमेल बढ़ता है।
जन्म तिथि 23 अगस्त 1995 के लिए — मूलांक = 2+3 = 5। भाग्यांक = 2+3+0+8+1+9+9+5 = 37 → 3+7 = 10 → 1+0 = 1। इसी तरह नाम के अक्षरों के मान जोड़कर नामांक निकलता है।
यह गणना मानक चाल्डियन अंक-पद्धति पर आधारित है — कोई अनुमान नहीं। अंक ज्योतिष मार्गदर्शन व आत्म-जागरूकता के लिए है।